शिमला,हिमशिखा न्यूज़। 21/05/2022
शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में IGMC के हृदय रोग विशेषज्ञ डा० प्रकाश चन्द नेगी, डा० संजीव अशोत्रा, डा० अरविन्द कंदौरिया ,डा. संजीव मारवा एवम जितेंद्र राणा परियोजना समन्वयक STEMI CARE उपस्थित रहे। जिन्होंने हार्ट अटैक के मुख्य लक्षणों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को 6 महीने में अपनी खून की जांच करवानी चाहिए ताकि आने वाले समय में इस बीमारी को रोका जा सके।
हार्ट अटैक के लक्षण व इसके निदान और उपचार की सुविधा वाले अस्पतालों को तुरंत रिपोर्ट करें I मार्च 2020 से जिला शिमला में हार्ट अटैक केयर प्रोग्राम चल रहा है। शिमला हार्ट अटैक केयर मॉडल के अनुभव/परिणामों को साझा कर रहे हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण;
सीने का दर्द बाहों, गर्दन, कंधों या पीठ तक फैलना। ठंडा पसीना सांस लेने में कठिनाई अत्यधिक कमजोरी महसूस होना हल्का सिरदर्द/ब्लैक आउट ऑन उल्टी के साथ सीने में दर्द चलने पर यह लक्षण हार्ट अटैक के हो सकते हैं। इसमें रक्त की आपूर्ति के अचानक बंद होने का परिणाम हैहृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी में रुकावट हो जाती अगर यह रुकावट 30 मिनट के भीतर रक्त प्रवाह बहाल नहीं होने पर हृदय की मांसपेशी स्थायी रूप से मरने लगती है। रक्त की आपूर्ति में रुकावट की अवधि जितनी लंबी होगी, हृदय की मांसपेशियों क्षतिग्रस्त उतनी ही अधिक होगीI हृदय की मांसपेशियों को कम क्षतिग्रस्त होने से रोकना है तो रक्त प्रवाह की शीघ्र और शीघ्र बहाली महत्वपूर्ण हैI पहले एक से दो घंटों में रक्त प्रवाह बहाल होने से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान होने का खतरा कम हो सकता है।अवरुद्ध धमनी में रक्त का थक्का क्लॉट बस्टर दवा ( जीवन रक्षक) का उपयोग करके या आपातकालीन एंजियोप्लास्टी करके हटा दिया जाता है।लॉजिस्टिक कारणों से एंजियोप्लास्टी सुविधा की सीमित पहुंच है, उपलब्ध दवा, नैदानिक सुविधा और सक्षम डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में थ्रोम्बोलाइटिक उपचार का उपयोग किया जा सकता है।थ्रोम्बोलाइटिक दवा का लाभ अधिक तभी संभव है अगर पहले एक से तीन घंटे में यह टीका लगाया जाए। यह टीका केवल 12 घंटे के अंदर ही लगाया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश में हार्ट अटैक की स्थिति और इसकी देखभाल
विभाग द्वारा इंडियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एचपी एसीएस रजिस्ट्री के आधार पर हिमाचल प्रदेश में हर साल लगभग 4000 लोगों को दिल का दौरा पड़ता है एक लाख वयस्क आबादी में से लगभग 70 लोगों को सालाना दिल का दौरा पड़ता है इंडेक्स इवेंट के दौरान दिल का दौरा पड़ने वाले दस में से एक मरीज की मौत हो जाती है। केवल केवल लगभग 30 परसेंट लोगों को ही जीवन रक्षक टीका लगाया जाता था बाकी 70 परसेंट लोग इससे पंचित रहते थे क्योंकि वह अस्पताल में देरी से पहुंचते थेI
शिमला हार्ट अटैक मॉडल
दिल का दौरा पड़ने वाले रोगियों को थ्रोम्बोलाइटिक उपचार के अनुपात को बढ़ाने के लिए शिमला हार्ट अटैक मॉडल विकसित किया क्याI जिले के सभी सीएचसी, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल व आईजीएमसी शिमला को इसमें सम्मिलित किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य जिला अस्पताल के चिकित्सकों को हृदय विभाग आईजीएमसी के द्वारा ऑनलाइन ऑनलाइन प्रशिक्षित किया गया। इसके लिए एजेंसी हरदोई विभाग ने एक ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है जिसमें यह चिकित्सक रोगियों का विवरण डालते हैं। उसके निदान के लिए हृदय विभाग आईजीएमसी शिमला उन्हें मार्गदर्शन देते हैं उसके बाद वे चिकित्सक रोगियों को आईएमसी शिमला को रेफर कर देते हैं।
शिमला हार्ट अटैक मॉडल का IGMC का अनुभव।
हृदय विभाग आईजीएमसी शिमला ने मार्च 2020 से हार्ट अटैक के कुल लगभग 600 रोगियों का पता लगाया गया और उनका इलाज किया गया लगभग 50% रोगियों ने स्पोक केंद्रों में इलाज किया और शेष मरीजों ने सीधे आईजीएमसी अस्पताल में इलाज करवाया। आईजीएमसी में जांच करवाने आए लोग देरी से पहुंचेI थ्रोम्बोलाइटिक उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों की संख्या काफी अधिक थीआईजीएमसी अस्पताल की तुलना में स्पोक सेंटर की रिपोर्ट करने वाले रोगियों में (65% बनाम 45%)स्पोक सेंटरों पर इलाज करने वाले मरीजों की तुलना में मृत्यु दर काफी कम थी IGMC अस्पताल में (7.8% बनाम 15.5%)
शिमला हार्ट अटैक मॉडल के IGMC के अनुभव।
अभी भी। शिमला व अन्य अस्पतालों में हृदयाघात के मरीज देरी से पहुंच रहे हैं। इसका कारण यह है कि वह हृदयाघात के लक्षण से परिचित नहीं है। इसलिए लोगों में अभी हृदयाघात के लक्षण के जागरूकता लाना अति आवश्यक है ताकि लोगों में मृत्यु दर काफी कम किया जा सके।
शिमला जिले के सभी सीएचसी, सिविल अस्पताल और डीडीयू अस्पताल कार्डियोलॉजी विभाग की देखरेख में निदान और उपचार के लिए सुसज्जित हैं।आईजीएमसी शिमला।
हार्ट अटैक इन लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है:
बढ़ती उम्र के साथ तंबाकू का सेवन करने वाले,मोटापा, अलसी जीवन शैली,फास्ट फूड का सेवन,सब्जियों/फलों का कम सेवन उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
दिल के दौरे के जोखिम को निम्न कारणों द्वारा रोका जा सकता है:
रोजाना 45 मिनट टहलें,शरीर के वजन का अनुकूलन,फास्ट फूड से परहेज,नमक और तले हुए भोजन पर प्रतिबंध,तंबाकू का सेवन छोड़ना और परहेज करना,बीपी की समय-समय पर निगरानी। चीनी, कोलेस्ट्रॉल बीपी शुगर का नियंत्रणI