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100 करोड़ की संपत्ति सरकार को दान कर कंवर दंपति ने पेश की मिसाल, गिफ्ट डीड के बाद मेडिकल कॉलेज के नाम हुआ इंतकाल

नादौन के जोलसप्पड़ निवासी 77 वर्षीय प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कंवर ने अपनी और अपनी दिवंगत धर्मपत्नी कृष्णा कंवर द्वारा अर्जित करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रदेश सरकार को गिफ्ट कर समाज के लिए अनूठी मिसाल पेश की है। वर्ष 2021 में उन्होंने अपनी तमाम चल-अचल संपत्ति सरकार के नाम वसीयत की थी। अब 5 अगस्त 2026 को उन्होंने अपने जीवनकाल में ही स्वेच्छा से गिफ्ट डीड कर पूरी संपत्ति सरकार के हवाले कर दी। गिफ्ट डीड के बाद संबंधित भूमि का इंतकाल भी प्रदेश सरकार यानी डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के नाम दर्ज हो चुका है।

डॉ. कंवर ने मृत्यु के बाद अपनी देह प्रशिक्षु डॉक्टरों के अध्ययन के लिए दान करने का निर्णय भी लिया है। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को लिखित सहमति देने के साथ पहचान पत्र भी प्राप्त किया है।

डॉ. राजेंद्र कंवर के अनुसार, उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी ने जीवनकाल में ही अपनी संपत्ति समाज के हित में समर्पित करने का निर्णय लिया था। उनकी कोई संतान नहीं है। गिफ्ट डीड में दो मंजिला बंगले सहित करीब पांच कनाल पांच मरला जमीन, करोड़ों रुपये के आभूषण, कार, फर्नीचर, बैंक में जमा धनराशि और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार पूरी संपत्ति की कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा सकती है।

डॉ. कंवर की इच्छा है कि इस संपत्ति का उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों के लिए किया जाए। वह यहां जेरियाट्रिक केयर, ओल्ड एज होम अथवा स्वास्थ्य संबंधी कोई विशेष सुविधा विकसित किए जाने के इच्छुक हैं। साथ ही उनकी इच्छा है कि भविष्य में संस्थान का नाम उनकी दिवंगत पत्नी की स्मृति में ‘कृष्णा राजेंद्र’ रखा जाए।

डॉ. कंवर की पत्नी कृष्णा कंवर शिक्षा विभाग में करीब 32 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद वर्ष 2011 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ा से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनका 6 दिसंबर 2020 को निधन हो गया था। उनके निधन से पहले ही दंपति ने अपनी संपत्ति समाज को समर्पित करने का निर्णय ले लिया था।

डॉ. राजेंद्र कंवर स्वास्थ्य विभाग में 3 जनवरी 1977 को मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्त हुए थे। करीब 33 वर्षों तक सरकारी सेवा देने के बाद वह वर्ष 2010 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांगू से वरिष्ठ चिकित्सक के पद से सेवानिवृत्त हुए। क्षेत्र में वह ‘कांगू वाले डॉक्टर’ के नाम से प्रसिद्ध हैं और 77 वर्ष की उम्र में भी अपने घर पर बेहद कम शुल्क में मरीजों का उपचार कर रहे हैं।

डॉ. कंवर की संपत्ति निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप स्थित है। इसी कारण उन्होंने अपनी संपत्ति मेडिकल कॉलेज प्रशासन के नाम करने का निर्णय लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई है, ताकि अपनी और स्वर्गीय धर्मपत्नी की अंतिम इच्छा उनके समक्ष रख सकें और संपत्ति के उपयोग को लेकर सरकार उचित निर्णय ले सके। उन्होंने इस संबंध में नादौन प्रशासन को भी अवगत करवाया है।

नादौन के एसडीएम निशांत शर्मा ने गिफ्ट डीड की पुष्टि करते हुए कहा कि डॉ. कंवर दंपति जैसे दानी और समाज के प्रति समर्पित लोग बहुत कम होते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र कंवर ने मोह-माया से ऊपर उठकर अपनी संपत्ति सरकार को देकर बड़ी दरियादिली दिखाई है। उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

एसडीएम ने बताया कि गिफ्ट डीड के बाद संबंधित भूमि का इंतकाल भी प्रदेश सरकार यानी डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के नाम दर्ज हो चुका है। अब राजस्व रिकॉर्ड में भी सरकार इस संपत्ति की मालिक बन चुकी है।

By HIMSHIKHA NEWS

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