*तेल विपणन कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश में ईंधन व LPG की सामान्य आपूर्ति का आश्वासन दिया*
मोटर स्पिरिट, हाई-स्पीड डीजल व घरेलू LPG की बिक्री सामान्य बनी हुई: श्री आशुतोष गुप्ता
चंडीगढ़, ईंधन उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच, आईओसीएल पंजाब राज्य कार्यालय के कार्यकारी निदेशक व राज्य प्रमुख श्री आशुतोष गुप्ता, जो पंजाब में तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक भी हैं, ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नागरिकों को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों व LPG की आपूर्ति स्थिर व पर्याप्त बनी हुई है। यह पत्रकार वार्ता हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर संयुक्त रूप से चंडीगढ़ में आयोजित की गई थी।
उन्होंने आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न होने पर जोर दिया और उपभोक्ताओं से न घबराने का आग्रह किया।
श्री सुशांत कुमार, राज्य स्तरीय समन्वयक (SLC), चंडीगढ़, तथा श्री परमेश्वर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लिए LPG प्रभारी, भी कॉन्फ्रेंस के दौरान उपस्थित रहे।
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने जनता को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों व LPG की आपूर्ति स्थिर व वर्तमान मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। श्री आशुतोष गुप्ता ने कहा कि मोटर स्पिरिट (MS) व हाई-स्पीड डीजल (HSD) का स्टॉक भी राज्य भर में सामान्य है। OMC डिपो जरूरी इन्वेंटरी स्तर बनाए हुए हैं, जबकि रिटेल आउटलेट्स के पास निर्बाध बिक्री सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त स्टॉक है। ऑटोमोटिव ईंधनों की उपलब्धता को लेकर भी कोई चिंता का विषय नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत में LPG आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने वाले चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं तक निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए करीबी निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं घरेलू उपभोक्ताओं को LPG की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश के घरों में LPG की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी है और सिलेंडर वितरण संकट पूर्व स्तरों के लगभग अनुसार जारी है।
ग्राहकों से रिफिल बुकिंग के लिए SMS व IVRS जैसे डिजिटल तरीकों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 91% बुकिंग्स डिजिटल मोड से प्राप्त हो रही हैं। श्री आशुतोष गुप्ता ने जानकारी दी कि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनुपालन लगभग 85% है ताकि सिलेंडर वास्तविक ग्राहकों तक पहुँचें और फिलहाल डिजिटल बुकिंग व DAC अनुपालन का अखिल भारतीय औसत क्रमशः 95% व 90% है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMCs) सोशल मीडिया पर उठ रही चिंताओं पर सक्रिय रूप से निगरानी कर रही हैं व प्रतिक्रिया दे रही हैं, तथा वास्तविक मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही हैं। प्रासंगिक अपडेट व जानकारी आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से नियमित रूप से साझा की जा रही है।
कुछ LPG वितरकों के खिलाफ मिल रहीं शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। काला बाजारी व भंडारण रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश भर में LPG वितरकों का आकस्मिक निरीक्षण करने हेतु बहु-कार्यात्मक टीमें तैनात की गई हैं। दोषपूर्ण वितरकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, वितरक प्रदर्शन मापदंडों का डेटा विश्लेषण किया जा रहा है ताकि अनियमितताएँ पहचानी जा सकें व निरीक्षण प्रयासों का मार्गदर्शन हो। OMCs हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ निकट समन्वय से जमाखोरी रोकने के लिए कार्यरत हैं, राज्य भर में कई बार छापेमारी भी की गई हैं।
ग्राहकों से घबराहटपूर्ण बुकिंग या LPG सिलेंडरों का भंडारण न करने, अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है। सटीक जानकारी हेतु केवल आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करने को कहा गया है। LPG आपूर्ति व वितरण सामान्य व स्थिर बना हुआ है, कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अनावश्यक रूप से LPG वितरकताओं पर कतार न लगाने का भी अनुरोध किया गया है।
इसी तरह,वाणिज्यिक LPG आवंटन को संकट पूर्व स्तरों के 70% तक बढ़ाया गया है। अतिरिक्त उपायों में प्रवासी मजदूरों व अन्य कमजोर वर्गों का समर्थन करने हेतु 5 किग्रा फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडरों का आवंटन दोगुना करना शामिल है।
तेल विपणन कंपनियाँ LPG की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने, और कुप्रथाओं के विरुद्ध कड़े उपाय लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही हैं।