राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में 259 सहायक स्टाफ नर्सों की भर्ती की
राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी, चमियाना के लिए 259 सहायक स्टाफ नर्सों को नियुक्ति पत्र जारी किए हैं।
इन नियुक्तियों की अनुशंसा हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा की गई है। नव नियुक्त सहायक स्टाफ नर्सों की तैनाती आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा, डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक, पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चंबा तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज , चमियाना में की जाएगी। इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
इस भर्ती से स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ेगी, मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी तथा राज्य के तृतीयक (टर्शियरी) स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी और प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जून, 2026 में भी राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 372 सहायक स्टाफ नर्सोंं की नियुक्ति की थी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायक स्टाफ नर्सों की यह भर्ती प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरना जारी रखेगी तथा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाकर मरीजों को बेहतर, प्रभावी और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी।