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शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 

आखिरी स्टेज में अस्पताल पहुंचने पर गई 10 फीसदी कोरोना मरीजों की मौत

हिमाचल प्रदेश में अन्य बीमारी से ग्रस्त 75 फीसदी लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। ये लोग पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे। इनमें कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर, एड्स और हार्ट जैसी बीमारियां शामिल हैं। दस फीसदी ऐसे लोग हैं, जो सर्दी, बुखार समझकर घरों में ही रहे। आखिरी स्टेज में जब ऑक्सीजन लेबल कम हुआ तो अस्पताल आकर उनकी मौत हो गई। कई लोगों की रेफर करते हुए मौत हुई है।

हिमाचल प्रदेश में अन्य बीमारी से ग्रस्त 75 फीसदी लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। ये लोग पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे। इनमें कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर, एड्स और हार्ट जैसी बीमारियां शामिल हैं। दस फीसदी ऐसे लोग हैं, जो सर्दी, बुखार समझकर घरों में ही रहे। आखिरी स्टेज में जब ऑक्सीजन लेबल कम हुआ तो अस्पताल आकर उनकी मौत हो गई। कई लोगों की रेफर करते हुए मौत हुई है।

प्रदेश में अब तक कोरोना से करीब 22 सौ लोगों की मौत हो चुकी है। एक महीने पहले यह आंकड़ा करीब 800 था। सरकार की ओर से नियमों में ढील देना, रैलियां, सभाएं, शादी, समारोह के चलते लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। हालांकि, सरकार का मानना है कि लापरवाही बरतने से मामले बढ़े हैं।

फिर से नियम सख्त किए जाने, लोगों की टेस्टिंग बढ़ाए जाने से घरों में पॉजिटिव लोग बाहर आए हैं। इस महीने के अंत तक स्थिति नियंत्रण में आने की संभावना है। स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि अन्य बीमारी से ग्रस्त लोगों के कोरोना की चपेट में आने से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। लापरवाही बरते जाने से भी लोगों की कोरोना से मौत हो रही है।

कांगड़ा, शिमला जिला में सबसे ज्यादा मौतें

हिमाचल के दो जिले कांगड़ा और शिमला में इस बीमारी से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जिला कांगड़ा में 600 से ज्यादा, जिला शिमला में 440 मौतें हुई हैं।

By HIMSHIKHA NEWS

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