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शिमला,हिमशिखा न्यूज़। 13/10/2021 

हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर, सचिव खेमेन्द्र गुप्ता, प्रवक्ता संजय कुमार, कोषाध्यक्ष जगदीश चन्द एवम् सर्व हरीश पराशर, टेक चन्द, विनोद कुमार, मिलाप चन्द, बाल कृष्ण, पदम सिंह, समर चौहान, देस राज, राय सिंह, धनी राम, सुख राम, प्रेम सिंह, अमित कुमार, ऋषि लाल, गोपाल लाल, देवी चन्द, मनोज कुमार, नवल किशोर, टेक चन्द, पूर्ण चन्द, विजय कुमार ने संयुक्त रूप से प्रैस वार्ता में चिन्ता व्यक्त करते हुए खेद प्रकट किया है कि एचआरटीसी प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गम्भीर नहीं है।प्रेस वार्ता का उद्देश्य आपके माध्यम से प्रदेश सरकार परिवहन निगम, प्रबंधन व प्रदेश की जनता को परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत करवाना है जिसके समाधान की मांग को लेकर परिवहन कर्मचारी पिछले दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। निगम कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लगभग 582 करोड़ रुपए के अनेकों वितीय लाभ की देनदारियां वर्षों से लंबित है तथा यह आगे भी जमा हो रही है। यह वित्तीय लाभ अन्य विभागों के कर्मचारियों को बहुत पहले जारी हो चुके हैं। निगम में यह एक प्रथा बन चुकी है कि बिना आंदोलन किए कोई भी वित्तीय लाभ नहीं दिए जाते। पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों ने कोई भी आंदोलन नहीं किया तथा बिना मांगे प्रबंधन व सरकार कर्मचारियों के कोई भी वित्तीय लाभ नहीं देती। यही वजह रही है कि अब तक कर्मचारियों को लगभग 582 करोड़ रुपए की वित्तीय देनदारियों लंबित हो चुकी है। निगम का कर्मचारी अपने देय लाभ लेने के लिए दो माह से संघर्षरत है और प्रबंधन व सरकार के उदासीन, अड़ियल व्यवहार के कारण कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिससे प्रदेश की आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। संघर्ष के दूसरे चरण में निगम के कर्मचारी 18-10-2021 को एक दिन की काम छोड़ो आंदोलन (हड़ताल) पर जा रहे हैं परंतु सरकार व निगम प्रबंधन आचार संहिता का बहाना बनाकर वार्ता के लिए भी तैयार नहीं है जबकि कर्मचारियों के रुके पड़े देय वित्तीय लाभ जारी करना कर्मचारियों से बैठक करना चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आता।हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में परिवहन निगम के कर्मचारियों की मांगों को पूरा करवाने के लिए समिति द्वारा निगम प्रबंधन को दिनांक 14-09-2021 को 18-10-2021 की एक दिवसीय काम छोड़ो आन्दोलन (हड़ताल) के लिए नोटिस दिया गया था। परन्तु लगता है कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों को जानबूझकर आंदोलन के लिए उकसा रहा है। क्योंकि निगम प्रबंधन द्वारा संयुक्त समन्वय समिति के साथ पूर्व में किए गए समझौतों पर अमल न करना, जनवरी 2016 से 13% आईआर, डीए जनवरी 2019 से 4%, 5%जुलाई 2019 से व 6% जुलाई 2021 से, कुल डीए 15%, 35 महीनों का नाईट ओवर टाइम, पैशन, रोच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इंकैशमेंट, जीपीएफ, मेडीकल रिमवर्समेंट कई प्रकार के एरियर आदि कर्मचारियों के लगभग 582 करोड़ रूपए के लम्बित वित्तीय भुगतान देय है। जिससे कर्मचारी अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। कर्मचारियों के वित्तीय बकाया राशी का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।वित्तीय मांगों के अतिरिक्त एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देना, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करना, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की भांति 9880/- रुपए का आरम्भिक वेतनमान बहाल करना परिचालको को आरम्भिक वेतनमान एवं एसीपी स्कीम का लाभ देना निगम में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरना, वैट लीज पर चल रही बसों को बन्द करना, पेंशन के लिए प्रदेश सरकार के बजट में प्रावधान करना, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करना, यात्री परिवहन का राष्ट्रीयकरण करना निजी रूट परमिट देने पर पूर्ण रोक लगाना, कर्मचारियों को प्रताड़ित व उकसाने के लिए बेवजह उनके खिलाफ की गई कार्यवाही को रद्द करना आदि अनेकों समस्याएं समाधान के इन्तजार में खड़ी है परन्तु निगम प्रबंधन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। जिस कारण कर्मचारियों में भारी रोष पनप रहा है और कर्मचारियों को 18-10-2021 को एक दिवसीय काम छोड़ो आन्दोलन (हड़ताल) करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

By HIMSHIKHA NEWS

हिमशिखा न्यूज़  सच्च के साथ 

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