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चंडीगढ़,हिमशिखा न्यूज़ 22/04/2022

चंडीगढ़ पीजीआई एडवांस कार्डियोलॉजी डिपार्टमैंट ने अपने सातवें हार्ट ट्रांसप्लांट करने के बाद एक बार फिर से नई कामयाबी हासिल की है। पीजाआई के डॉक्टरों ने बिना हार्ट सर्जरी के ही ‘परक्यूटेनियस अप्रोच’ से हार्ट वाल्व की लीकेज को कंट्रोल कर दिया। पीजीआई के लिए यह एक बड़ी अचीवमैंट है इससे पहले पीजीआई ने इस तरह का केस पहले नहीं किया था, यह उनका पहला केस था। इसमें उन्हें कामयाबी मिली है और मरीज भी बिल्कुल ठीक है। दुनिया में इस टैक्नीक से मरीज का इलाज करने वाले बहुत ही कम देश हैं, जिन्होंने इसकी मदद से मरीज का इलाज किया है।

देश में अपनी तरह के शुरुआती केसों में पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के डॉक्टर्स की टीम ने नया ‘टीआरआईसी’ वाल्व यंत्र 80 वर्षीय मरीज में इंप्लांट किया है। वह बारंबार हार्ट फेलियर से पीड़ित था। मरीज ओपन हार्ट सर्जरी के लिए शारीरिक रुप से काफी कमजोर था। इस प्रक्रिया के बाद वह काफी अच्छा हो गया। रुटीन चैक के दौरान उसमें अब हार्ट फेलियर के लक्षण भी नहीं हैं।

पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि दिल के दो दाएं चैंबर्स के बीच में ट्राइकसपिड वाल्व में लीकेज के कारण दिल में दाएं तरफ बारंबार होने वाला हार्ट फेलियर एक अति दुर्लभ बीमारी है। यह ज्यादातर बुजुर्ग लोगों को होती है। इसके अलावा उन लोगों को भी हो सकती है जिनकी पहले वाल्व सर्जरी हुई हो। ऐसे मरीजों के इलाज का विकल्प काफी सीमित होता है और ओपन हार्ट सर्जरी ही होती है। मरीज का वाल्व बदलना ही एक विकल्प बचता है जो काफी हाई रिस्क माना जाता है। इसमें मरीज की जान भी जा सकती है।

By HIMSHIKHA NEWS

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