HBCH&RC पंजाब में ‘ONTOP 2026’ की शुरुआत: युवा डॉक्टरों को कैंसर की जांच की बारीकियां सिखाने के लिए जुटा देश भर का जमावड़ा
न्यू चंडीगढ़, होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCH&RC), पंजाब के ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग ने अपने न्यू चंडीगढ़ कैंपस में तीन दिनों का एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम को ‘ONTOP 2026 – ऑन्कोपैथोलॉजी टीचिंग ऑफ पोस्टग्रैजुएट्स’ नाम दिया गया है। 13 से 15 मार्च 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश के बड़े-बड़े पैथोलॉजिस्ट, कैंसर विशेषज्ञ और मेडिकल छात्र हिस्सा ले रहे हैं। इसका मकसद कैंसर की जांच की नई तकनीकों पर चर्चा करना और इस क्षेत्र में डॉक्टरों की पकड़ और मजबूत करना है।
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया, ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संकल्प संचेती और डॉ. निलय निशीथ (सेक्रेटरी) की देखरेख में किया जा रहा है। उनके साथ ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग और एक पूरी टीम इस काम में जुटी है। इस प्रोग्राम को इस तरह से तैयार किया गया है ताकि मेडिकल के छात्रों और युवा डॉक्टरों को कैंसर की जांच के आधुनिक तरीकों का प्रैक्टिकल अनुभव मिल सके।
इन तीन दिनों के दौरान विशेषज्ञों के लेक्चर, असल केसों पर चर्चा, स्लाइड सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही छात्रों के लिए एक पैथोलॉजी क्विज भी रखी गई है, जिससे यह पूरा प्रोग्राम काफी रोचक हो गया है। देश के नामी संस्थानों के एक्सपर्ट्स यहाँ साइटोपैथोलॉजी, हेमेटोपैथोलॉजी और लिम्फोमा जैसे विषयों पर खास वर्कशॉप भी ले रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश कुमार सिंघल (डायरेक्टर, PGIMS रोहतक) और डॉ. रवनीत कौर (डायरेक्टर-प्रिंसिपल, GMCH-32, चंडीगढ़) की मौजूदगी में दीप जलाकर की गई। इसमें कई वरिष्ठ डॉक्टर और छात्र शामिल हुए।
इस अवसर पर होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCH&RC), पंजाब के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने कैंसर के इलाज में पैथोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
डॉ. आशीष गुलिया ने कहा, “शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आप कितनी भी इमारतें बना लें या कितने भी उपकरण लगा लें, वे तब तक किसी काम के नहीं जब तक कि हमारे पास सही फैकल्टी और अनुभवी लोग (मैनपावर) न हों, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की देखभाल और इलाज देने में हमारी मदद कर सकें। मुझे लगता है कि ‘ONTOP’ इसी दिशा में हमारी एक अहम पहल है। सटीक और समय पर जांच ही कैंसर के प्रभावी इलाज की बुनियाद है। ‘ONTOP 2026’ जैसी कोशिशों के जरिए हमारा लक्ष्य युवा पैथोलॉजिस्टों को आधुनिक जानकारी, व्यावहारिक कौशल और नई तकनीकों से जोड़ना है, ताकि वे कैंसर के खिलाफ इस लड़ाई में अपना सार्थक योगदान दे सकें।”
डॉ. सुरेश कुमार सिंघल ने कहा कि अगली पीढ़ी के डॉक्टरों को तैयार करने और देश में कैंसर की जांच को बेहतर बनाने के लिए ऐसे प्रोग्राम बहुत जरूरी हैं। वहीं, डॉ. रवनीत कौर ने भी माना कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और केसों पर चर्चा से छात्रों और युवा डॉक्टरों को बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा।
इन तीन दिनों में शामिल होने वाले लोग टाटा मेमोरियल सेंटर, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS मंगलगिरी जैसे बड़े संस्थानों के प्रोफेसरों से सीधे संवाद कर सकेंगे। इस प्रोग्राम को इसकी पढ़ाई-लिखाई की अहमियत की वजह से PMC क्रेडिट पॉइंट्स भी दिए गए हैं।
आयोजकों को पूरा भरोसा है कि ‘ONTOP 2026’ से भारत में कैंसर की जांच और मरीजों की देखभाल के स्तर में बड़ा सुधार आएगा।