जिला में भेजी गैस सिलेंडर की 14 गाड़ियां – उपायुक्त
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि आज गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए जिला शिमला के सभी उपमंडलों में 14 गाड़ियां भेजी गई हैं।
उपायुक्त आज जिला के सभी उपमंडल उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला में गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति का जायजा ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिला में कहीं भी घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निरंतर जारी है। इसीलिए लोग इन चीज़ों का अनावशयक भण्डारण न करें।
बैठक में बताया गया कि आज जिला के लिए 4488 घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त हुए थे जिनमें से 4249 जिला के विभिन्न क्षेत्रों में भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला में अभी भी 8382 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार, जिला में 521 वाणिज्यिक सिलेंडर भेजे गए हैं और 499 अभी और उपलब्ध हैं जिनकी आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर केवल अस्पतालो एवं शैक्षणिक संस्थानों को की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल तथा डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है तथा नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा प्रशासन को सहयोग देने का आग्रह किया।
मिट्टी तेल व कोयले की मांग करें
उन्होंने सभी एसडीएम को गैस के अतिरिक्त वह दूसरे विकल्प के रूप में मिट्टी तेल व कोयले की मांग भेजने के भी निर्देश दिए ताकि मानानुसार मिट्टी तेल व कोयला उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि एसडीएम अपने क्षेत्र में मांग का आकलन करने के पश्चात मांग की सूची जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग शिमला, जिला शिमला के कार्यालय में देना सुनिश्चित करें ताकि मांगा अनुसार उनको मिट्टी तेल व कोयले की आपूर्ति की जा सके और जरुरत अनुसार उसका उपयोग किया जा सके।
सभी एसडीएम रोजाना देंगे रिपोर्ट
उन्होंने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी वालों के साथ प्रतिदिन बैठक कर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए और रोज सांय निर्धारित फॉर्मेट पर इसकी रिपोर्ट देना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में होटल, रेस्टोरेंट तथा अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग की भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को पेट्रोल पंप पर स्टॉक की और आरक्षित कोटा की भी निरंतर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में मिट्टी तेल की आवश्यकता का भी आकलन करे। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की रोजाना स्थिति का जायजा लिया जाना आवश्यक है। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल या डीजल कैन में न दिया जाए ताकि इन चीज़ों का अनावश्यक भण्डारण न हो।
उन्होंने कहा कि बड़े विकास कार्यों में मशीनरी के लिए डीजल की जरूरत रहती तो उन कार्यों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये ताकि कोई भी विकास कार्य बाधित न हो।
यह भी रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला शहरी ओशिन शर्मा, एफएसओ अनीता ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।