हेल्थ,हिमशिखा न्यूज़। 22/10/2021
नींद आने पर भी हम क्यों टालते हैं? इस ‘बदले’ की भावना के कारण करते हैं ऐसा
कई बार आप थके होते हैं. इसके बावजूद आप रात में सोने से पहले मोबाइल फोन, टीवी या दूसरी चीजें देखने में लगे रहते हैं, जिसके चलते आपको रात में पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती. स्लीप फाउंडेशन का कहना है कि लोगों की यह आदत सही नहीं है. अगर नींद के बावजूद देर से सोने की आदत पड़ जाए तो इससे उन्हें टेंशन, डिप्रेशन और ब्लड प्रेशर की स्थाई बीमारी हो सकती है. जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा करने की बड़ी वजह ये निकलकर आई है कि लोग बाहरी तनावों से घिरे होते हैं और उन तनावों से बदला लेने के लिए वे रात में रिलेक्स होने के लिए फोन या दूसरी चीजों से चिपक जाते हैं. जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती.
डेली मेल के रिपोर्ट के मुताबिक
एक स्टडी में पाया गया कि लोग थके होने के बावजूद अक्सर सोने के समय में देरी करते हैं. रिसर्च में यह भी पता चला कि काम के लंबे घंटों के बाद लोग रात में जब घर पहुंचते हैं तो अक्सर रिलेक्स होने के लिए सोशल मीडिया, टीवी या किताब पढ़ने लग जाते हैं. वे जानते हैं कि उनका शरीर थका हुआ और उन्हें सोने की जरूरत है. इसके बावजूद वे बेड पर नहीं जाते.
हो जाती हैं कई तरह की बीमारियां
इसका नतीजा यह होता है कि उन्हें सोने के लिए समय कम मिल पाता है. रात को देर से सोना (Sleep Problem) और सुबह ऑफिस जाने के लिए जल्दी उठने की हड़बड़ी सेहत के लिए अच्छी नहीं होती. खासकर दीर्घकाल में यह शरीर के लिए बड़ी बीमारी के रूप में सामने आती है. इससे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम होते हैं.
नींद में देरी की ये वजह आईं सामने
स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक थके होने के बावजूद देरी से नींद लेने के 3 कारण सामने आए हैं. इनमें सेहत के प्रति जागरुकता की कमी, देर रात को सोशल मीडिया पर एक्टिव होने की आदत डालना और अनावश्यक रूप से रात में टहलना जैसी कई वजह सामने आईं.