शिमला,हिमशिखा न्यूज़। 22/10/2021
ज़िला शिमला निजी संघ ,वी एन शर्मा महासचिव ने शिक्षा बोर्ड का निजी विद्यालयों के छात्रों से सौतेला व्यवहार हिमाचल प्रदेश में RTE के अंतर्गत सरकार द्वारा आठवीं तक निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। परन्तु यहां ये जानकर अत्यंत दुख होता कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य सहयोग देते निजी स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार करती है।वार्षिक परीक्षा के लिए हिमाचल शिक्षा बोर्ड द्वारा निजी विद्यालयों के छात्रों से तृतीय कक्षा से 100/-, पांचवीं व आठवीं कक्षा के छात्रों से 150/- परीक्षा शुल्क की मांग की है जो कि न्यायसंगत नही।
बेहतर होता बोर्ड यहां सभी विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क लेती परन्तु निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से ही शुल्क बसूलना कहाँ तक उचित है।हिमाचल में निजी विद्यालय सरकारी विद्यालयों के साथ कन्धा से कंधा मिला कर शिक्षा का योगदान दे रहे है।ज्ञात रहे कि निजी स्कूलों में भी गरीबी रेखा के नीचे के विद्यार्थी भी शिक्षा ग्रहण करते है और उनका खर्च निजी स्कूल उठाते हैं। जिसका ब्योरा प्रतिवर्ष शिक्षा विभाग को भेज दिया जाता है।
मेरा सरकार और शिक्षा बोर्ड से करबद्ध निवेदन है कि इस तरह से भेदभाव की नीति को नही अपनाया जाए। क्योंकि ये वो विद्यालय हैं जिनकी सम्बद्धता सरकार व शिक्षा बोर्ड से हैं। हम सरकार से माँग करते है कि शिक्षा के क्षेत्र मैं उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों को चाहे वो निजी क्षेत्र से हों या सरकारी क्षेत्र पर सम्मानित किया जाना चाहिए।