कुल्लु,हिमशिखा न्यूज़।13/04/2022
फैक्टर -2 लागू नहीं हुआ तो होगा विशाल आंदोलन,भू-अधिग्रहण कानून 2013 की अनदेखी नहीं होगी सहन,फोरलेन संघर्ष समिति जिला कार्यकारिणी की बैठक सपन्न
फोरलेन संघर्ष समिति जिला कुल्लू के अध्यक्ष दिनेश सेन ने कहा कि यदि फैक्टर-2 लागू नहीं किया गया और भू अधिग्रहण 2013 की अनदेखी की गई तो 30 अप्रैल के बाद विशाल आंदोलन होंगें और सरकार के खिलाफ जबरदस्त मुहिम खड़ी की जाएगी। वे यहां जिला कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ इस दौरान समिति के नेता दवेंद्र नेगी, महेंद्र ठाकुर, हुकम ठाकुर आदि भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गत लगभग 7 वर्षो से फोरलेन सड़क निर्माण के कारण प्रभावित तथा विस्थापित परिवारों की ओर से सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर गुहार लगाई जा रही है | पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा प्रभावितों के साथ बार-बार बैठकें करवाएं जाने के बावजूद भी जनता को भू-अधिग्रहण कानून 2013 की सदैव अनदेखी की गई जबकि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उस समय विपक्ष में रहते हुए इस पर विधानसभा के अंदर तथा बाहर भी सार्वजनिक रूप से प्रभावितों को न्याय प्राप्ति हेतु निरंतर जोरदार समर्थन दिया गया था। वर्ष 2017 को प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के समय भाजपा द्वारा अपने घोषणापत्र में भी इस मुद्दे को शामिल करने के साथ-साथ वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दुगना करने का वादा किया था। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा दो केबिनेट कमेटियों के गठन के बावजूद भी गत चार वर्षों से इस पर कोई भी समाधान नहीं निकाला गया है।हिमाचल प्रदेश के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्र फोरलेन व अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के कारण प्रभावित है। कुल्लू घाटी में रामशिला से लेकर कोठी तक व्यास नदी का समूचा वामतट का क्षेत्र टू लेन सड़क निर्माण के कारण निकट भविष्य में शीघ्र प्रभावित होने वाला है तथा रामशिला से लेकर मनाली तक का क्षेत्र भी टू लेन से फोरलेन का होना भी निश्चित हैं | हिमाचल प्रदेश में यह भी कानून लागू है कि प्रत्येक राजमार्गों के दोनों ओर रोड़ साइड कण्ट्रोल विटथ व टीसीपी के कारण भवनों का निर्माण सड़क से कम से कम आठ मीटर पीछे करना होगा | इसके साथ-साथ कुल्लू घाटी में रेलवे लाइन का विछाया जाना भी प्रस्तावित है। भू-अधिग्रहण कानून 2013 में प्रभावितों तथा विस्थापितों को पुनर्वास तथा पुनर्स्थापना का अधिकार दिया गया है। इसमें प्रावधान है कि इसमें अधिग्रहित होने वाली भूमि का मुआवजा मार्किट रेट के अनुसार फैक्टर टू लगाकर दिया जाये जबकि यहां सर्कल रेट पर फैक्टर एक लगाकर मुआवजा वास्तविक मूल्य की तुलना में बहुत ही कम दिया गया है। इस सड़क निर्माण के कारण अतिरिक्त भूमि व मकानों की भी भारी क्षति हो रही है | इस सड़क में हुए घटिया निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह यह सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है तथा इसमें सदैव निरंतर रूप से हो रही दुर्घटनाओं के कारण जान माल की भी बार-बार भारी हानि हो रही है। कई स्थानों पर इस सड़क निर्माण के कारण आवागमन के स्थानीय रास्ते व सम्पर्क सड़कें जो प्रायः नष्ट किये गये थे उनको भी एनएचएआई द्वारा पुनर्निर्मित नहीं किया गया | इसके अतिरिक्त इससे यहां अनेक प्रकार की अन्य कठिनाइयां भी उत्पन्न हुई है