परवाणू,हिमशिखा न्यूज़।27/09/2022
सड़क किनारे फेंके सड़े हुए सेब, रहवासी परेशान ,सड़े हुए सेब परवाणू-धरमपुर हाईवे पर फेंके गए
·परवाणू के पास टिपरा गाँव में हाईवे के किनारे पड़े सड़े सेब के ढेर से दुर्गंध आ रही हैसोलन: हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग और प्रोसेसिंग कॉर्पोरेशन (एचपीएमसी) का परवाणू स्थित फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट उत्पादकों से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सेब की खरीद करता हैगुणवत्ता वाले सेब को बाजार में बेचा जाता है, बचे हुए को बोरियों में पैक किया जाता है और एचपीएमसी द्वारा खरीद के लिए परवाणू लाया जाता है। ये सड़े हुए सेब हाईवे के किनारे फेंक दिए जाते हैं।
स्थानीय निवासियों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है, जिन्हें बदबू झेलनी पड़ रही हैवे डंपिंग साइट को बदलने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैंविनीत कौशिक, एडिशनल जनरल मैनेजर, एचपीएमसी, कहते हैं”राज्य कर और उत्पाद शुल्क विभाग के स्वामित्व वाली भूमि को इस मौसम में सड़े हुए सेब के लिए डंपिंग यार्ड के रूप में नामित किया गया है। एक अलग क्षेत्र होने के कारण, इसे डंपिंग के लिए उपयुक्त पाया गया है।”उनका कहना है कि पाँच से छह उत्पादक इस जमीन पर सड़े हुए सेब फेंकते हैंउन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बदबू को कम करने के लिए डंप को मिट्टी से ढक दिया जाएकौशिक का कहना है कि सड़े हुए सेबों के लिए साइंटिफिक डिस्पोजल के प्रयास किए जाने चाहिए, लेकिन यह एक महँगी प्रक्रिया होगीडंपिंग क्षेत्र, कौशल्या नदी के नज़दीक हैसीवेज कंटैमिनेशन के कारण इसकी पानी की गुणवत्ता पहले से ही समस्या पैदा कर रही है। ऐसे में सेब के सड़े हुए अवशेष क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को और भी खराब कर सकते हैं।प्रदीप मौदगिल, रीजनल ऑफिसर, स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, परवाणू, कहते हैं,”डिप्टी कमिश्नर से अनुरोध किया गया है कि वे सभी स्टेकहोल्डर्स से परामर्श करें, जिसमें एचपीएमसी के अधिकारी, टिपरा गाँव के पंचायत प्रतिनिधि, परवाणू नागरिक निकाय और कृषि उत्पाद विपणन समिति के अधिकारी शामिल हैं, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके। इस संबंध में जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएग