संसारपुर टेरस में श्रद्धापूर्वक मनाया गया श्री गुरु रविदास महाराज जी का 649वां प्रकाशोत्सव
विकास खंड संसारपुर टेरस में आज श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के माननीय सदस्य श्री दिग्विजय सिंह मल्होत्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और गुरु महाराज के चरणों में शीश नवाया।
आस्था और समरसता का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों और गुरुवाणी के कीर्तन के साथ हुई। श्री दिग्विजय सिंह मल्होत्रा ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि समाज में समरसता का संदेश देते हुए आम संगत के साथ जमीन पर बैठकर लंगर प्रसाद भी ग्रहण किया। उनके इस सरल व्यवहार ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।
मंदिर कमेटी की मांग पर मिला आश्वासन
इस दौरान श्री गुरु रविदास मंदिर कमेटी ने मुख्य अतिथि के समक्ष मंदिर के गुंबद (गुमट) के निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग रखी। मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास की आवश्यकता को देखते हुए, श्री मल्होत्रा ने कमेटी को आश्वासन दिया कि इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
“शिक्षा ही उन्नति की एकमात्र कुंजी”
सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री दिग्विजय सिंह मल्होत्रा ने शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा:
“हमारे समाज के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चों की पढ़ाई सबसे आवश्यक है। आज के युग में शिक्षा ही वह शस्त्र है जिससे हम गरीबी और पिछड़ापन दूर कर सकते हैं। हमारे बच्चों को कड़ी मेहनत कर सरकारी और अर्धसरकारी महकमों में उच्च पदों को हासिल करना चाहिए।”
महापुरुषों के योगदान का स्मरण
अपने संबोधन में उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए संवैधानिक हकों की वजह से ही आज वंचित समाज को मुख्यधारा में आने का अवसर मिला है। साथ ही, उन्होंने श्री गुरु रविदास महाराज जी की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु महाराज ने हमें ‘बेगमपुरा’ (ऐसा स्थान जहां कोई दुख न हो) की संकल्पना दी और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
समारोह में जसवां प्रागपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। मंदिर कमेटी ने श्री दिग्विजय सिंह मल्होत्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पूरा क्षेत्र ‘जो बोले सो निर्भय, श्री गुरु रविदास महाराज की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।