शिमला,हिमशिखा न्यूज़। 08/03/2022
धाली स्कूल में अधूरे भवन के पिल्लर गिरने से टला बहुत बड़ा हादसा
बरामदे में दोपहर का खाना खाते हुए अचानक गिर गए ईंट के पिल्लर
स्कूल के एक कमरे में 57 बच्चे -रेगुलर शिक्षक कोई नहीं-एक डेपुटेशन पर
मशोबरा ब्लाॅक के राजकीय प्रायमरी स्कूल में धाली के अधूरे एंव जर्जर भवन के पिल्लर गिरने से बीते कल बहुत बड़ा हादसा टल गया । इस घटना में किसी भी स्कूली बच्चे को चोटें नहीं आई । हालांकि पिल्लर पर छत नहीं लगी थी जिस कारण कोई जानी नुकसान नहीं हुआ । बता दें कि सोमवार को प्रायमरी स्कूल धाली में बच्चों को दोपहर का खाना परोसा जा रहा था कि अचानक अधूरे भवन के बाहर बरामदें में खड़े किए गए ईंट के पिल्लर गिर गए । अध्यापक के अनुसार पिल्लर को गिरता देख इसके नजदीक बैठे बच्चे उठकर भाग खड़े हुए । जिसके चलते स्कूल में एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया । स्कूल के शिक्षकों से जब इस बारे बात की गई तो उन्होने बताया कि स्कूल में बीते आठ वर्षों से एक कमरा निर्माणाधीन है। कमरा में आजतक छत नहीं लग पाई है जिससे कमरे की दीवारे जर्जर हो गई है । और कमरे के बाहर बरामदें में लगे दो ईंट के पिल्लर भी दयनीय हालत में हो चुके थे जिसके गिरने से खाना खा रहे बच्चे बाल बाल बच गए ।स्थानीय लोगों के अनुसार 1964 में पीरन पंचायत के धाली में प्रायमरी स्कूल खुला था । अर्थात 58 साल बीत जाने के उपरांत इस स्कूल में वर्तमान बच्चों के बैठने के लिए केवल एक कमरा है जिसमें पहली से पांचवी कक्षा तक के 57 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । सबसे अहम बात यह है कि बीेते एक वर्ष से कोई भी रेगुलर अघ्यापक इस स्कूल में कार्यरत नहीं है । विभाग द्वारा औपचारिकता स्वरूप एक शिक्षक को डेपुटेशन पर भेजा जाता है । बता दें कि इस स्कूल में ग्रामीण परिवेश के गरीब व अधिकांश बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग के पढ़ाई करते हैं ।हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ0 कुलदीप तंवर ने कहा कि ईश्वर का शुक्र है कि बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया । बताया कि कसुंपटी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थानों की ऐसी ही दुर्दशा है । चुने हुए प्रतिनिधि हमेशा वोट की राजनीति करते रहे । इनका कहना है कि स्कूल में न ही रेगुलर अध्यापक है और न ही उपयुक्त स्कूल भवन । ऐसी स्थिति में बच्चे किस प्रकार शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं जोकि एक चिंतन का विषय है । आजादी के 75 वर्ष बाद भी कुसंपटी में पिछड़ेपन की तस्वीर आज भी देखने को मिल रही है । उन्होने इस हादसे बारे जांच करवाने की सरकार से मांग की है ।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा शिमला भाग चंद ने बताया कि पुराने अधूरे भवन के पिल्लर गिरने बारे रिर्पोट मांगी गई है । इसके अतिरिक्त स्कूल में अध्यापकों के पदों को शीघ्र भरा जाएगा ।