शिमला हिमशिखा न्यूज़ 05/01/2022
हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के अध्यापकों ने सरकार से छ्टे पे स्केल को तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की। सभी विश्वविद्यालयों के अध्यापक संघों की ज्वाइंट मीटिंग ऑनलाइन माध्यम से आज संपन्न हुई जिसमें सर्व सम्मति से सरकार से मांग की गई कि छ्टे वेतन आयोग की सिफारिशों को यूजीसी पे कमीशन द्वारा की गई सिफारिशों के अनुरूप तुरंत प्रभाव से प्रदेश में लागू किया जाए। सरकार ने हाल ही में बाकी सभी कर्मचारियों के लिए छ्टे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश में लागू कर दिया है जो कि एक सराहनीय कदम है। मगर विश्वविद्यालयों एवम् महाविद्यालयों के संदर्भ में इस अधिसूचना में कोई निर्णय नहीं लिया गया है जिस से कि सभी अध्यापकों में असंतोष की लहर व्यापत हुई है। यह भी सरकार को बताना उचित रहेगा कि बाकी राज्यों में यूजीसी के वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरे भारत वर्ष में बहुत पहले लागू कर दिया गया है जिसमें सभी बीजेपी शासित प्रदेशों ने भी इसे प्राथमिकता के आधार पर अपने अपने प्रांतों में लागू कर दिया है जबकि इस मामले में हिमाचल सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है जो कि न्याय उचित नहीं है। अध्यापक संघों ने एक ज्वाइंट एक्शन कमिटी का गठन कर संयुक्त रूप से अपनी बात सरकार के समक्ष उठाने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया की यदि सरकार इस बारे जल्दी निर्णय नहीं लेती है तो सभी अध्यापक प्रदेश स्तर पर अगला कदम उठाने पर मजबूर होंगे। इस मीटिंग में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कल्याण संघ, वाई एस परमार वानिकी विश्वविद्यालय, और सी एस के हिमाचल प्रदेश एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के अध्यापक संघों ने भाग लिया। इस बैठक में डा कुलभूषण चंदेल,डा जनार्दन सिंह,डा जोगिंदर सकलानी,डा राकेश चहोता,डा रमेश कुमार,डा केडी शर्मा,डा कुलदीप ठाकुर,डा प्रवीण कुमार और डा सुखदेव शर्मा प्रमुख थे।