शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 08/01/2022
शिमला में आंधी तूफान व बारिश के चलते करुणामूलक परिवारों के भूख हड़ताल मंच पर हुआ काफी नुकसान – अजय (प्रदेशाध्यक्ष)
करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश की भूख हड़ताल 163 दिनों तक पहुँच गयी है लेकिन सरकार अभी भी करुणामूलक आश्रितों के लिए कुछ खास नही कर पायी है, जबकि पिछली रात को भारी बारिश के कारण करुणामूलक संघ का क्रमिक हड़ताल मंच पूरी तरह बारिश के पानी से भीग गया, और जो भी तरपाल बगेरा लगाए हुए थे सब के सब फट गए जिसके कारण बारिश का सारा पानी भूख हड़ताल मंच पर आ गया, और joe भी बिस्तर बगेरा सोने के लिए लगाए थे आधे से ज्यादा भीग गए जिसके कारण आश्रितों को पूरी रात बैठकर ठिठुर कर निकालनी पड़ी लेकिन सरकार व प्रशाशन की तरफ से कोई भी सुध बुध लेने नही पहुंचा है सरकार कि गलत नितियों से परेशान करुणामूलक आश्रित अभी भी शिमला में डटे हुए है व इन आश्रितों का कहना है कि जब तक सरकार Class-C के एजेंडे को कैबिनेट में नही लाती व एकमुशत् राहत प्रदान नही करती संघ की भूख हड़ताल ऐसे ही चलती रहेगी व आने वाले समय में कडा रुख अपनायेगी
बता दें कि अभी तक प्रदेश सरकार ने class-D के पदों हेतु कैबिनेट में मोहर लगाई है, जबकि अधिसूचना अभी तक जारी नही है, करुणामूलक आश्रितों में भारी रोष है और करुणामूलक संघ का क्रमिक अनशन अभी भी जारी है
प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि जब तक सरकार Class-C के लिए कोई निर्णय नही लेती और 62,500 एक सदस्य सालाना आय हटाने हेतु कैबिनेट में मोहर नही लगाती करुणामूलक संघ का क्रमिक अनशन यूँ ही चला रहेगा.
बता दें कि करुणामूलक संघ 30 जुलाई से क्रमिक अनशन पर है, भरी बरसात करुणामूलक परिवारों ने बर्षाशालिका में अपनी दिनचर्या निकाल दी और अब सर्द ऋतु शुरू हो चुकी है लेकिन करुणामूलक संघ सरकार के इस गलत रवैये के कारण अभी भी क्रमिक भूख हड़ताल पर डटा हुआ है और हर मुश्किल से मुश्किल घडी से लड़ने के लिए तैयार है व आगामी रणनीति बना ली है |
मुख्य मांगें:-
-समस्त विभागों, बोर्डों, निगमों में लंबित पड़े करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नोकरियों के Class-C केसों को आगामी कैबिनेट में लाया जाए व उनको One Time Settlement के तेहत सभी को एक साथ नियुक्तियाँ दी जाएं |
– 62500 एक सदस्य सालाना आय शर्त को हटाया जाये, ताकि जो करुणामूलक आश्रित पॉलिसी से बाहर जा रहे है उनको भी राहत मिल सके |