शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 09/01/2022
ऑनलाइन पढ़ाई ने बिगाड़ी बच्चों की आदत मोबाइल फोन न मिलने से चिड़चिड़े हो रहे बच्चे
बच्चों के हठ और मनमानी करने से आंखों पर पड़ेगा बुरा असर कोरोना महामारी के दौर में ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों को मोबाइल फोन का गुलाम बना दिया। अब बच्चों की आदत इतनी बिगड़ गई है कि कुछ देर के लिए उन्हें मोबाइल फोन न मिले तो उनमें चिड़चिड़ापन, बेचैनी, घबराहट, गुस्सा और आत्म हतिया व्यवहार में आक्रामकता, बातचीत ही बंद कर देना या खाना छोड़ देने जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। स्मार्ट फोन के हाथ में आते ही उनका मूड ठीक हो रहा है। इससे परेशान कई अभिभावक बच्चों को लेकर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं। स्कूल से आते ही बच्चे मोबाइल फोन में ही लगे रहते हैं। इससे आंखों पर बुरा असर तो पड़ ही रहा है, मानसिक विकार भी आ रहे हैं। मनोचिकित्सकों के अनुसार जागरूक अभिभावक तो काउंसलिंग करवा रहे हैं, लेकिन कुछ इन लक्षणों को अनदेखा कर रहे हैं। स्कूल बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई का फायदा हुआ था, लेकिन अब मोबाइल की लत नुकसानदायक है। फोन लेने के लिए बेटी बनाती बहाने मां-बाप अच्छे ओहदे पर हैं। उनकी इकलौती बेटी निजी स्कूल में नौवीं की छात्रा है। मेडिकल कॉलेज नेरचौक में काउंसलिंग के लिए पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि स्कूल जाने से पहले और आने के बाद कभी पढ़ाई तो कभी किसी अन्य बहाने से उनकी बेटी फोन पर लगी रहती है। टोकने पर चिड़चिड़ेपन के साथ उसका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। फोन न दें तो बेटा छोड़ देता खाना एक शिक्षक दंपती भी अपने बेटे की मोबाइल की लत से परेशान है। इन्होंने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग ली है। अभिभावकों के अनुसार उनका बेटा आठवीं में पढ़ता है। मोबाइल उससे छूट नहीं रहा। व्हाट्सएप में चेटिंग, इंस्टाग्राम और गेमिंग के लिए फोन किसी न किसी बहाने ले लेता है। फोन न दो तो खाना छोड़ देता है और चुप्पी साध लेता है