शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 12/01/2022
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में सचिवालय में छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को लेकर अलग-अलग अधिकारियों एवं सरकार के मुख्यमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री से मिला तथा छठे वेतन आयोग में हो रही कर्मचारियों एवं शिक्षकों की रिकवरी और पंजाब के वेतन आयोग से हटकर हिमाचल का अलग वेतन आयोग लागू करने पर चिंता व्यक्त की इस उपलक्ष पर सबसे पहले प्रतिनिधिमंडल वित्त सचिव अक्षय सूद से मिला और उनको अपना तथ्य सहित मांग पत्र सोंपा, जिसमें पंजाब और हिमाचल के वेतन आयोग की तुलना कर हिमाचल के वेतन आयोग को रिकवरी आयोग बताया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के नेता एवं प्रधानाचार्य रतन वर्मा, अजय ठाकुर, किशोर चमटा और मनोज कुमार उपस्थित थे।
मांग पत्र के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने वित्त सचिव के साथ पूरे मांग पत्र पर चर्चा की और एक-एक बिंदु को चर्चा में लाया जिस पर सचिव ने ध्यान पूर्वक सुनने के उपरांत उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया प्रतिनिधि मंडल ने हिमाचल में पंजाब वाले वेतन आयोग को उसी रूप में उन्ही शर्तों के साथ इंप्लीमेंट करने का आग्रह किया। क्योंकि हिमाचल सरकार पंजाब के वेतन आयोग के लिए बाध्य है। इसलिए उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है । उसके बाद शाम 7:00 बजे शिष्टमंडल मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर से मिला और उनको भी संघ द्वारा तैयार किया हुआ मेमोरेंडम जिसमें पूरी कैलकुलेशन सहित हिमाचल और पंजाब के कर्मचारियों के तुलनात्मक आंकड़ो द्वारा हिमाचल के पे कमीशन मे पंजाब की तुलना में हो रहे नुकसान व कर्मचारियों की रिकवरी को लेकर वर्णन किया गया है , के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष 5 मिनट तक एक-एक करके अपना पक्ष रखा और मुख्यमंत्री से एक स्वर में मांग की एक तो हिमाचल में शत प्रतिशत पंजाब वाला पे कमिशन लागू किया जाए जिससे पंजाब और हिमाचल के कर्मचारियों में जिनकी एक तिथि को नियुक्ति हुई हो उनकी 1-1-2016 को वेतनमान में समरूपता बनी रहे साथ ही यह भी मांग की गई कि जिन कर्मचारियों और शिक्षकों की रिकवरी बन रही है उसके लिए सरकार अभी नहीं लेने की जगह उसे माफ करने का निर्णय ले। साथ ही 4-9-14 टाइम स्केल को जिसे 3 जनवरी 2022 से बंद करने का निर्णय लिया गया है उसे एक तो भविष्य में बंद ना किया जाए साथ ही 31 दिसंबर 2021 तक कर्मचारियों को मिलने वाले 4-9-14 टाइम स्केल के लाभ को नए वेतनमान निर्धारण में इसकी गणना सुनिश्चित की जाए जिन कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2021 तक यह लाभ मिलने हैं या 1-10- 2012 के रिवीजन के कारण जिनका एक लाभ रोक दिया गया था वह अब 2.59 मल्टीप्लेयर के लेने से दोबारा से बहाल हो जाएगा उसका लाभ भी उन कर्मचारियों को इस वेतनमान निर्धारण में मिलना चाहिए । कियुंकि पंजाब मे भी 4-9-14 टाइम स्केल का लाभ दिया है। इन सब बातों को सुनने पर मुख्यमंत्री ने बड़ी उदारता के साथ कहां की मैंने आपकी यह सारी बातें पहले ही सुननी है अब जो आपका यह मांग पत्र है इसे हम तुरंत अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रमोद सक्सेना को कार्यवाही के लिए भेजेंगे जिस पर अवश्य ही शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और हम अपने मुख्यमंत्री के धन्यवादी है कि उन्होंने उसी वक्त अपने कार्यालय के निजी सचिव को आदेश दिए की यह कागज आज की डाक में ही प्रबोध सक्सेना जी के घर पहुंच जाना चाहिए ताकि उस पर शीघ्र कार्रवाई हो सके। उसके बाद शिष्टमंडल 7:30 पर प्रधान सचिव राम सुभाग सिंह से मिला और उनको भी उसी तरह का विज्ञापन दिया उनके साथ भी लगभग 5 से 7 मिनट तक इस मांग पत्र पर चर्चा कर छठे वेतन आयोग की विसंगतियों पर एक-एक करके प्रकाश डाला और मुख्यमंत्री महोदय के साथ हुई बात को दोहराते हुए अपना पक्ष रखा जिसको उन्होंने सुनने के बाद कहा कि मैं इसे एक बार दोबारा पूरी तरह से पढ़ने के बाद मुख्यमंत्री महोदय से चर्चा करूंगा और जल्दी ही पे कमीशन की जो त्रुटियां आपने लिख कर दी है उसका समाधान निकाल कर कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करेंगे। अंत में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों एवं कर्मचारियों से यह स्पष्ट करना चाहता है कि कल की मुलाकात से जिस तरह से मुख्यमंत्री ने खुले दिल से आश्वासन दिया है उससे हमें विश्वास है कि कुछ हद तक छठे वेतन आयोग की अनियमितताएं दूर हो जाएगी लेकिन फिर भी हमें अपने हितों की लिए सजग रहने की आवश्यकता है यदि समय रहते छठे वेतन आयोग की अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में एक बहुत बड़ा अंतर आ जाएगा। जिसे कभी ठीक नहीं किया जा सकेगा इसलिए संघ सभी कर्मचारी भाइयों बहनों और संगठनों के पदाधिकारियों से आग्रह करता है कि यदि पंजाब के अनुरूप वेतन आयोग हिमाचल में लागू नहीं हुआ तो हमें आंदोलन के लिए भी तयार होने की आवश्यकता है जिसके लिए हम सब मिलकर लड़ाई लड़ेंगे और इस संधर्भ मे शीघ्र ही सभी कर्मचारियों के नेताओं की एक बैठक बुलाने का प्रयास भी किया