शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 12/09/2022
अब 15 की कैबिनेट से उम्मीद, प्रदेश के एसएमसी शिक्षकों को मुख्यमंत्री दे चुके हैं आश्वासन*
15 सितंबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में यदि एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी पॉलिसी नहीं बनी, तो अब एसएमसी शिक्षक बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। रविवार को डीसी ऑफिस के बाहर सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे एसएमसी शिक्षकों ने 25 घंटे 55 मिनट बाद अपनी हड़ताल वापस ली और अब कैबिनेट की बैठक का इन शिक्षकों को इंतजार है। इन शिक्षकों को प्रदेश सरकार इससे पहले भी आश्वासन दे चुकी है, लेकिन कैजुअल लीव देने और स्थायी नीति बनाने की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इसके चलते सांकेतिक हड़ताल पर बैठे थे। एक साल में इन्हें 12 कैजुअल लीव देने का प्रस्ताव है, जिसके लिए बार-बार प्रदेश सरकार से गुहार भी लगाई है। साथ ही एसमएसी शिक्षक लंबे समय से उनके लिए स्थायी नीति बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में अब ये एसएमसी शिक्षक सरकार से खफा हंै और सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं। एसएमसी टीचर्स की छुट्टियों को बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। कैबिनेट में यह मामला नहीं गया था। इसकी वजह यह है कि कार्मिक और वित्त विभाग ने पीरियड आधारित इन शिक्षकों को कैजुअल लीव देने का यह कहते हुए विरोध किया था कि सीएल सिर्फ सीसीएस रूल्स 1972 के तहत आने वाले कर्मचारियों को ही दी जा सकती है। वित्त विभाग ने एक वैकल्पिक एडवाइज इस फाइल पर दी है, लेकिन यह मैटर अभी कैबिनेट में नहीं रखा गया था। अभी तक यह मामला लटका हुआ है और अब नाराज एसमएसी शिक्षक धरने पर बैठ गए थे। उनका यह कहना है कि सरकार ने उन्हें आश्वासन तो दिया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया।