शिमला,हिमशिखा न्यूज़ 18/01/2022
EPS पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि अब पेंशन (Pension) उनके बैंक अकाउंट में महीने के लास्ट वर्किंग डे पर या उससे पहले जमा हो जाएगी। काफी समय से पेंशनभोगियों को तय तारीख पर पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा था, जिससे ईपीएस पेंशनभोगियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा। इसके मद्देनजर ईपीएफओ (EPFO) ने 13 जनवरी 2022 को एक सर्कुलर जारी किया है
जानिए क्या है दिशा-निर्देश?
EPFO द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि, “पेंशन डिवीजन द्वारा समीक्षा की गई है और आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, यह निर्णय लिया गया है कि सभी फील्ड ऑफिसर्स बैंकों को मंथली बीआरएस (Monthly BRS) भेज सकते हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि पेंशनभोगियों के अकाउंट में समय से पैसे क्रेडिट हो जाएं। पेंशनर्स को पेंशन का भुगतान महीने के लास्ट वर्किंग डे या फिर उससे पहले जमा हो जानी चाहिए।
ये भी है निर्देश
EPFO ने यह भी कहा कि, यह भी सुनिश्चित किया जा जाए कि पेंशन वितरण करने वाले बैंकों को वास्तविक पेंशन पेंशनर्स के खातों में जमा होने से दो दिन पहले नहीं भेजी जाए। ईपीएफओ द्वारा जारी सर्कुलर में यह भी कहा गया है, ”उपरोक्त निर्देशों को ध्यान में रखते हुए नियमों का स्ट्रिक्टली पालन किया जाए। सभी कार्यालयों को सलाह दी जाती है कि दिए गए निर्देश को सुनिश्चित करने के लिए अपने संबंधित क्षेत्राधिकार के तहत पेंशन वितरण करने वाले बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
जानिए क्या है EPS?
संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को 58 की उम्र के बाद पेंशन मिलती है। इसके लिए कर्मचारी के लिए कम से कम 10 साल की नौकरी करना अनिवार्य है। बता दें कि एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) में दो तरह की स्कीमों में आपका पैसा जमा होता है। पहला प्रोविडेंट फंड (EPF) और दूसरा पेंशन फंड (EPS) होता है। सभी कर्मचारी जो ईपीएफ में योगदान करतेहैं, वे ईपीएस के लिए भी पात्र हैं। कर्मचारी और नियोक्ता प्रत्येक कर्मचारी के बेसिक वेतन का 12% ईपीएफ में योगदान करते हैं। जहां कर्मचारी का पूरा हिस्सा ईपीएफ में योगदान दिया जाता है, वहीं नियोक्ता के हिस्से का 8.33% ईपीएस में जाता है। मिनिमम 1000 रुपए की पेंशन दी जाती है। स्कीम में विधवा पेंशन, बच्चों की पेंशन की सुविधा मिलती है। कर्मचारी की नौकरी के दौरान 58 साल से पहले मौत हो जाती है, तो उसकी पत्नी और बच्चे पेंशन मिलती